Fukrey Returns Movie Review

Fukrey Returns Movie Review

अवधि 2 hours 15 minutes
निर्देशक मृगदीप सिंह लांबा
कलाकार पुलकित सम्राट,रिचा चड्डा,अली फजल,मनजोत सिंह,वरुण शर्मा
मूवी टाइप Comedy,Thriller

 

इन फुकरों से आप पहले भी मिल चुके हैं और आपने इन्हें पंसद भी किया। यही फुकरे अब एकबार फिर आपके सामने हैं, पहली फिल्म की तरह इस फिल्म में भी यह फुकरे किसी काम के नहीं हैं, लेकिन इनके सपने राजकुमारों जैसे हैं। बतौर प्रड्यूसर फरहान अख्तर सोलो हीरो फिल्म बनाना शायद पसंद नहीं करते, तभी तो उनकी पिछली फिल्में ‘दिल चाहता है’ और ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ कई किरदारों को लेकर बनाई थीं। ग्लैमर इंडस्ट्री में माना जाता है कि अगर आप करोड़ों के बजट में फिल्म बना रहे हैं तो किसी एक हीरो पर डिपेंड रहने की बजाए दो तीन किरदारों को लेकर फिल्म बनाना फायदे का सौदा है।

स्टोरी प्लॉट : स्कूल स्टडी करने के बाद हनी ( पुलकित सम्राट ) और चूचा (वरुण शर्मा) की दोस्ती कम नहीं हुई। इनकी दोस्ती अभी भी पहले की तर्ज पर बरकरार है। वैसे, चूचा की मां को इनकी दोस्ती कतई पसंद नहीं हैं। चूचा पहले से दिल ही दिल में लेडी डॉन भोली पंजाबन ( रिचा चड्डा ) को दिल दे चुका है। अब यह बात अलग है भोली को उसकी शक्ल तक पसंद नहीं। चूचा का सपना है कि वह भी अपने दोस्त हनी की तरह खूबसूरत लड़कियों को पटाने में एक्सपर्ट बन जाए। इनकी मंडली के तीसरे मेम्बर लाली (मनजोत सिंह) को न चाहकर भी अपने पापाजी की हलवाई की दुकान पर काम करना होता है। फुकरा टीम का मेम्बर जफर (अली फजल) अपनी प्रेमिका के साथ शादी करके खुशहाल जिंदगी गुजारना चाहता है। इस टीम के साथ पंडित जी (पकंज त्रिपाठी) भी है जो हर मुश्किल से अक्सर इस टीम को बाहर निकालता है। पिछली फिल्म के क्लाइमैक्स में भोली पंजाबन को इसी फुकरा टीम की वजह से मोटा नुकसान होता है और इतना हीं नहीं भोली को जेल जाना पड़ता है। अब एक साल गुजर चुका है, भोली जेल से बाहर आती है। उसके गैंग के दो वफादार अफ्रीकन मेम्बर उसके साथ हैं। भोली जेल से बाहर आकर सबसे पहले इन फुकरों को सबक सिखाने का फैसला करती है। भोली के खास आदमी इन फुकरों को लेकर भोली के अड्डे पर आते हैं। भोली इन सभी को जमकर टॉर्चर करती है। चूचा के पास एक खास वरदान है, जिसके चलते चूचा सपने में जो भी देखता है वह बाद में सही साबित होता है। भोली पंजाबन का नुकसान चुकाने के मकसद से फुकरा टीम भोली से कुछ और रकम लेकर लॉटरी का नंबर निकालने का काम शुरू करते हैं, जिसमें चूचा पहले ही इन्हें सही नंबर बता देता है। शहर के लोग फुकरा टीम की लॉटरी में अपनी जमा-पूंजी लगाते हैं। पैसा लगाने वालों को डबल रकम मिलती है। चूचा की खास शक्ति के चलते फुकरा टीम का यह बिज़नस खूब चल निकलता है। पंडित जी अब इस बिज़नस में इनके साथ हैं। तभी दिल्ली और बॉर्डर के इलाके में लॉटरी के बिज़नस से जुड़े मिनिस्टर का धंधा फुकरा टीम के लॉटरी के बाद बंद होने की कगार पर पहुंच जाता है। ऐसे में मिनिस्टर एक ऐसी चाल चलता है जिससे फुकरा टीम को लॉटरी में करोड़ों का घाटा हो जाता है।

फुकरे’ की कहानी में कुछ भी नयापन नहीं है। ऐसी फिल्म को आप रिऐलिटी के तराजू के पैमाने पर रखकर नहीं देख सकते। वहीं अगर आपने पिछली फिल्म देखी है तो आपको बार-बार यही महसूस होगा कि पिछली फिल्म इससे कहीं ज्यादा अच्छी थी। दरअसल, इस बार डायरेक्टर लांबा ने बेशक किरदारों पर तो काफी मेहनत की, लेकिन स्टोरी और स्क्रीनप्ले पर ध्यान नहीं दिया। हनी (पुलकित), चूचा (वरुण) और पंडित जी (पकंज त्रिपाठी) की गजब की केमिस्ट्री है। इन तीनों ने अपने किरदारों को पावरफुल बनाने के लिए बहुत मेहनत की है। पंडित जी के किरदार में पंकज त्रिपाठी का जवाब नहीं। वहीं भोली पंजाबन का जो बिंदास बेबाक अंदाज पिछली फिल्म में नजर आया, वह इस बार नदारद है। वरुण शर्मा की ऐक्टिंग लाजवाब है, वह जब भी स्क्रीन पर आते हैं तभी हॉल में हंसी के ठहाके सुनाई देते हैं। पुलकित ने अपने किरदार को अच्छे ढंग से निभाया, लेकिन पुलकित की ऐक्टिंग पर सलमान खान का असर इस फिल्म में भी नजर आता है। अली जफर और मनजोत सिंह के पास इस बार करने के लिए बहुत कम था। अगर क्लाइमैक्स की बात करें तो ऐसा लगता है जैसे डायरेक्टर ने ट्रैक से उतरती फिल्म को ट्रैक पर लौटाने के लिए को जल्दबाजी में निपटा दिया। डायरेक्टर मृगदीप सिंह लांबा के पास एक कमजोर कहानी थी, जिसे उन्होंने बॉक्स आफिस पर बिकाऊ मसालों का तड़का लगाकर पेश कर दिया। टाइटल सॉन्ग को छोड़ दें तो ‘ओ मेरी महबूबा’ गाने को फिल्म में वेस्टर्न अंदाज में अच्छे ढंग से फिट किया गया है। ‘तू मेरा भाई नहीं है’ गाना स्क्रीन पर देखने में अच्छा लगेगा इसके बावजूद फिल्म में ऐसा कोई गाना नहीं है जो हॉल से बाहर आने के बाद म्यूजिक लवर्स की जुंबा पर रहे।

क्यों देखें : इस फुकरा टीम के साथ आपकी मुलाकात तभी मजेदार हो सकती है जब आप पिछली फिल्म को भुलाकर इनसे बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं रखकर मिलेंगे तो आपको फिल्म पैसा वसूल लगेगी।

कलाकार : रिचा चड्डा, पुलकित सम्राट, मनजोत सिंह, वरुण शर्मा, पकंज त्रिपाठी, अली फजल, विशाखा सिंह, प्रिया आनंद

निर्माता : रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर

निर्देशन : मृगदीप सिंह लांबा

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*